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Sunday, January 3, 2016

सुबह गुनगुने पानी में शहद डालकर पीने के दस लाभ


Honey Benefit in Luke warm water at early in morning.
गुनगुने पानी के साथ शहद और नींबू के नियमित सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल सकता है।
गुनगुने पानी में शहद के फायदे
इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस और शहद मिलाकर पीना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है। शहद को गर्म पानी के साथ लेने से वजन कम होता है। और इसके नियमित सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल सकती है। हम आपके लिए लेकर आए हैं गुनगुने पानी के साथ शहद का सेवन करने के फायदों के बारे में।
पाचन सुधारे
अच्छे पाचन के लिए सुबह गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना चाहिए। यह पेट को साफ करने में मदद करता है। यह लीवर में रस के उत्‍पादन को बढ़ाता है जिससे पाचन में मदद मिलती है। नींबू में मौजूद एसिड आपके पाचन तंत्र में मदद करता है और अवांछित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा शहद एक एंटीबैक्‍टीरियल के रूप में कार्य करता है और आपके शरीर में मौजूद किसी भी तरह के संक्रमण को दूर करने में मदद करता है।
कब्‍ज दूर करें
यह मिश्रण कब्‍ज के लिए तत्‍काल उपाय है। यह आंत को प्रोत्‍साहित कर मल त्‍यागने में मदद करता है। इसके अलावा यह आंत्र म्‍यूकस में बढ़ावा देता है, पेट को हाइड्रेट करता है और सूखे मल को पानी में भिगो देता है। इन सब की एक साथ मौजूदगी से मल त्‍यागने में मदद करता है।
लसीका प्रणाली की सफाई में मददगार
लसीका प्रणाली में पानी और आवश्यक तरल पदार्थ की कमी हो जाती है जिससे आपको सुस्त और थका हुआ महसूस होना, कब्ज, सोने में परेशानी, उच्च या निम्न रक्तचाप, तनाव और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ता है। सुबह-सुबह इस मिश्रण को पीने से लसीका प्रणाली को हाइड्रेट होने में मदद मिलती है जिससे न केवल सभी उपरोक्त लक्षणों बल्कि प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है।
मौखिक स्वास्थ्य में सुधार
एसिडिक प्रकृति का नींबू, शहद और गुनगुने पानी के साथ सांसों की बदबू को तुरंत दूर करने में मददगार होता है। नींबू अपनी लार ग्रंथियों को सक्रिय और आक्रामक बैक्टीरिया को मार कर मुंह शुद्ध करने में मदद करता है। सांस में बदबू का कारण जीभ पर सफेद परत का गठन (मुख्य रूप से खाद्य और बैक्टीरिया से मिलकर) भी है, यह रस इस परत को प्रभावी ढंग से हटाकर सांस की बदबू से प्राकृतिक रूप से छुटकारा दिलाता है।
मूत्रवर्धक के रूप में कार्य
शहद में बहुत ही शक्तिशाली एंटी-बैक्‍टीरियल के गुण होते हैं। इसमें कई प्रकार के संक्रमण को दूर करने की क्षमता होती है। नींबू और पानी के साथ यह मिश्रित – एक उत्कृष्ट मूत्रल (आपके शरीर से पानी बाहर निकलवाने वाला एजेंट) के रूप में कार्य करता है। यह आपके मूत्र मार्ग को साफ करने का सबसे अच्छा तरीका है। यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) से पीड़‍ित महिलाओं के लिए यह रस एक वरदान की तरह है क्‍योंकि यह संक्रमण को दूर करने में मदद करता हे।
एनर्जी लेवल बढ़ाये
शहद और गर्म पानी से शरीर में एनर्जी में भी वृद्धि होती है। शरीर में ज्यादा एनर्जी उत्पन्न होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म और कार्यप्रणाली में भी वृद्धि होती है। शहद शरीर के अंगों को ठीक से काम करने के लिए प्रेरित करता है। सुबह में गर्म पानी नींबू के साथ लेने से आप दिन भर ऊर्जावान बने रह सकते हैं।
वजन घटाने में मददगार
शहद और नींबू के साथ गर्म पानी लेने से भूख कम लगती है। शहद और नींबू के साथ गर्म पानी में बड़ी मात्रा में फाइबर मौजूद होता है, जो भूख की इच्छा और शूगर लेवल को कम करके पर्याप्त एनर्जी प्रदान करता है। इस‍ तरह से नियमित रूप से सुबह इसका सेवन करने से दिन भर में आपके द्वारा लिए गए भोजन की मात्रा कम हो जाएगी। अपने दिन की शुरुआत गुनगुने पानी के साथ शहद और नींबू के साथ करने से आपका वजन काफी हद तक कम हो जाएगा।
त्‍वचा के लिए लाभकारी
त्‍वचा के लिए नींबू के लाभ अनगिनत है लेकिन इसके अलावा इसमें मौजूद क्‍लीजिंग तत्‍व रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है, नई रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। पानी और शहद का मिश्रण आपकी त्वचा के लिए एक अनूठा दृढ, जीवाणुरोधी और कोलेजन बढ़ाने वाले गुण होते है। इसलिए अगर आप स्वाभाविक रूप से चमकदार त्वचा चाहती हैं तो यह पेय आपके लिए बहुत लाभकारी साबित होगा।
पोषक तत्वों और विटामिन से भरपूर
शहद और नींबू के गर्म पानी में कई जरूरी एंटी-आक्सीडेंट, विटामिन और पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसके अलावा इसमें एंटी इफ्लेमेंटरी गुण भी मौजूद होते है। इसलिए इसके सेवन से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। साथ ही यह वजन कम करने में सहायक होती हैं।
रोग प्रतिरोधी क्षमता में मजबूती

दिल

लंदन में हुई एक शोध में बताया है कि केले का नियमित सेवन करने से आपका दिल स्वस्थ रहता है। पढ़ें और जानें: http://goo.gl/Iddsju

Heart‬ Blockages

Lemon + garlic mixture - perfect for clearing ‪#‎heart‬ blockages? http://bit.ly/1AYWGbB

Friday, January 1, 2016

Health Benefits of Jackfruit



Health Benefits of Jackfruit
Posted by Health Digest on Friday, January 1, 2016

Sunday, December 27, 2015

ड्रिंक जो भगा दे चेहरे की झुर्रियों को...........


त्‍वचा पर अगर झुर्रियां पड़ने लगे तो समझ जाना चाहिये कि आप बूढी हो रही हैं। मगर अगर आपकी उम्र ज्‍यादा नहीं है और फिर भी चेहरे पर झुर्रियों का पता साफ चलता है तो सावधान हो जाएं। झुर्रियों को दूर करने के लिये किसी कॉस्‍मेटिक शॉप या पार्लर में जा कर पैसे फूंकने की बजाय अपनी डाइट में अच्‍छे पेय पदार्थ शामिल कीजिये।
हेल्‍दी ड्रिंक ना केवल शक्‍ति देता है बल्कि झुर्रियों से भी लड़ने में सहायक होता है। एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी एजिंग तत्‍व होने की वजह से ये जूस त्‍वचा के लिये काफी फायदेमंद होते हैं। हेल्‍दी पेय जैसे, दूध, पानी, टमाटर का रस, कॉफी आदि बडी़ ही आसानी से उपलब्‍ध होते हैं। इन्‍हें अपनी डाइट में शामिल कीजिये और देखिये कि आपके चेहरे पर कैसे निखार लाते हैं। अब आपको झुर्रियों से बिल्‍कुल भी डरने की आवश्‍यकता नहीं है।1
दूध :-
रात को सोने जाने से पहले एक गिलास दूध जरुर पीजिये। इससे आपकी हड्डियां मजबूत बनेंगी और आपकी मासपेशियो को प्रोटीन मिलेगा। सुबह जब आप सो कर उठेंगी तो आप तरोताजा महसूस करेंगी।
पानी :-
आप जितना ज्‍यादा पानी पियेंगी आपकी त्‍वचा उतनी ही ज्‍यादा ग्‍लो करेगी। आपकी त्‍वचा में नमी पहुंचेगी और अभी और बाद में वह लटकने से बच जाएगी।
कॉफी :-
ब्रेकफास्‍ट के समय यदि आप ब्‍लैक कॉफी पीते हैं तो शरीर में शक्‍ति बढती है। काफी चेहरे को हसीन और चमकदार बनाती है क्‍योंकि इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो कि चेहरे पर ज्‍लद झुर्रियां नहीं पडने देता।
ग्रीन टी :-
इसमें ढेर सारा एंटी ऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जिससे स्‍किन पर झुर्रियां नहीं पडती। दिन भर में दो कप ग्रीन टी पीने से रक्‍त अंदर से साफ होगा जिससे आप पाएगीं बेदाग और निखरी त्‍वचा। ग्रीन टी से चेहरे पर होने वाले मुंहासे और झाइयां दोनों ही दूर होते हैं।
टमाटर का रस :-
इसमें लाइकोपीन होता है जो कि एक एंटी ऑक्‍सीडेंट है। यह त्‍वचा को झुर्रियों से बचाता है और चमकदार त्‍वचा पाने में मदद करता है। आप टमाटर को कच्‍चा खा सकती हैं और इसका रस भी पी सकती हैं। इसका रस पीने से शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है।
गाजर :-
गाजर एक एंटी एजिंग की तरह कार्य करता है। इसमें पाया जाने वाला ढेर सारा बीटा केरोटीन, एंटीऑक्‍सीडेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं की मरम्‍मत करता है। इससे कोशिकाओं की उम्र काफी देर से घटती है और शरीर पर झुर्रियां नहीं पडतीं।
संतरा :-
यदि आप प्रतिदिन एक संतरे का सेवन करती हैं, तो इससे झुर्रियां रोकने में मदद मिल सकती है। इसमें कोलाजेन नामक प्रोटीन त्वचा को लचीला बनाए रखने में मदद करता है और विटामिन सी त्‍वचा को बूढा होने से रोकता है।

By Only Ayurved

छुहारा


परिचय: छुहारा का लैटिन नाम फीनिक्स डेक्टाइलीफेरा है। यह प्रसिद्ध मेवाओं में से एक है। छुहारे एक बार में चार से अधिक नहीं खाने चाहिए, वरना इससे गर्मी होती हैं। दूध में भिगोकर छुहारा खाने से इसके पौष्टिक गुण बढ़ जाते हैं।
रंग : छुहारा स्याही लिए हुए लाल रंग का होता है।
स्वाद : यह मीठा होता है।
स्वरूप : इसका पेड़ खजूर के पेड़ के समान होता है।
स्वभाव : छुहारे शीतल, रूखे और गर्म प्रकृति के होते हैं।
हानिकारक : इसका अधिक मात्रा में सेवन मलस्तंभकारक होता है।
दोषों को दूर करने वाला : दूध छुहारा के दोषों को दूर करता है।
तुलना : इसकी तुलना बादाम और मुनक्का से की जा सकती है।
गुण : छुहारा रुचिकारक, हृदय के लिए लाभकारी, तृप्तकारी, पुष्टकारक, वीर्य-बलवर्द्धक, क्षय (टी.बी.), रक्तपित्त, वातज्वर, अभिघात वमन, वात और कफरोगों को दूर करता है। यह खून को शुद्ध करता है तथा शरीर को मोटा करता है।
छुहारे का अचार : अचार तो बहुत सी चीजों का बनता है, परन्तु छुहारे का अचार काफी गुणकारी अचार होता है।
बनाने की विधि : लगभग 1 किलो छुहारे लेकर पहले नींबू के रस में इन्हें 5 दिन तक भिगोकर रखें। बाद में जब छुहारे फूल जाए तो अन्दर के बीजों को निकालकर निम्न मिश्रण को भरते हैं।
कालीमिर्च, पीपल, तज तीनों की 100 ग्राम मात्रा, सोंठ, जीरा, शाहजीरा तीनों की 50 ग्राम मात्रा कालानमक 300 ग्राम, चीनी 2 किलो सभी को कूट-पीसकर मिश्रण को तैयार कर लेते हैं। छुहारे के उक्त मिश्रण को भरकर एक बर्नी में डाल देते हैं तथा ऊपर से नींबू का रस निचोड़ देते हैं। इस बर्तन को 4-5 दिन धूप में खुला रख देते हैं। बस अचार तैयार है।
इस अचार को भोजन के समय या बाद में खा सकते हैं। यह अचार पाचक व रुचिवर्द्धक होता है तथा अपचन को दूर करता है।
विभिन्न रोगों में छुहारा से उपचार :
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1 शीघ्रपतन:- 2 छुहारे रोजाना खाने से शीघ्रपतन के रोग में लाभ मिलता है और जिन लोगों का वीर्य पतला निकलता है वह गाढ़ा हो जाता है।
2 बिस्तर में पेशाब होना:- *यदि बच्चे बिस्तर में पेशाब करते हो तो रोजाना रात को सोते समय 2 छुहारे खिलाने से लाभ होता है।
*250 मिलीलीटर दूध में 1 छुहारा डालकर उबाल लें। जब दूध अच्छी तरह से उबल जाये और उसके अन्दर का छुआरा फूल जाये तो इस दूध को ठण्डा करके छुआरे को चबाकर खिलाने के बाद ऊपर से बच्चे को दूध पिला दें। ऐसा रोजाना करने से कुछ दिनों में ही बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है।"
3 बुजुर्गों का बार-बार पेशाब आना:- बूढे़ आदमी बार-बार पेशाब जाते हो तो उन्हें
रोजाना 2 छुहारे खिलाना चाहिए तथा रात को 2 छुहारे खिलाकर दूध पिलाना चाहिए।
4 स्वर भंग (आवाज साफ करना):- सोते समय 1 छुहारा दूध में उबालकर खा लेते हैं और दूध को पी लेते हैं इसके सेवन के 2 घंटे बाद पानी न पिये। ऐसा करने से आवाज साफ हो जाएगी।
5 कब्ज:- सुबह-शाम 3 छुहारे खाकर गर्म पानी पियें। छुहारे सख्त होने से खाना सम्भव न हो तो दूध में उबालकर ले सकते हैं। छुहारे रोजाना खाते रहने से बवासीर, स्नायुविक दुर्बलता, तथा रक्तसंचरण ठीक होता है। सुबह के समय 2 छुहारे पानी में भिगोकर रात को इन्हें चबा-चबाकर खाएं। भोजन कम मात्रा में करें या रात को 2 छुहारे उबालकर भी ले सकते हैं। इससे कब्ज दूर हो जाती है।
6 मोटापा:- *छुहारा शरीर में खून को बनाता है। शरीर को बलवान व मोटा बनाता है। दूध में 2 छुहारे उबालकर खाने से मांस, बल और वीर्य बढ़ता है। बच्चे के लिए छुहारा दूध में भिगो देते हैं। जब दूध में रखा छुहारा फूल जाता है तो इसे छानकर, पीसकर बच्चों को पिलाना चाहिए।
*पथरी, लकवा, पीठदर्द: पथरी, लकवा, पीठदर्द में छुहारा सेवन करना लाभदायक होता है। यह मासिक-धर्म को शुरू करता है। छुहारा अवरोधक अर्थात बाहर निकालने वाली चीजों को रोकता है। जैसे दस्त, आंसू, लार, वीर्य और पसीना आदि सभी को रोकता है। छुहारे में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। कैल्शियम की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे हडि्डयों की कमजोरी, दांतों का गलना आदि छुहारा खाने से ठीक हो जाते हैं।"
7 नपुंसकता:- *छुहारे को दूध में देर तक उबालकर खाने से और दूध पीने से नपुंसकता खत्म हो जाती है।
*बराबर मात्रा में मिश्री मिले दूध में छुहारों को उबालकर गुठली हटाकर खाने से नपुंसकता दूर हो जाती है और इससे वीर्य, बल, बुद्धि भी बढ़ती है।
*रात को पानी में 2 छुहारे और 5 ग्राम किशमिश भिगो दें। सुबह को पानी से निकालकर दोनों मेवे दूध के साथ खाने से नपुंसकता दूर हो जाती है।
"
8 दमा या श्वास का रोग: - *रोजाना 2 से 4 छुहारा मिश्री मिले हुए दूध में उबालकर गुठली हटाकर छुहारा खाने के बाद वहीं दूध पीने से बहुत लाभ होता है। इससे शरीर में ताकत आती है तथा बलगम निकल जाता है जिससे श्वास रोग (दमा) में राहत मिलती है।
*छुहारा गर्म होता है। यह फेफड़ों और सीने को बल देता है। कफ व सदी में इसका सेवन लाभकारी होता है।
*पान में छुहारा और सोंठ रखकर कुछ दिनों तक चूसने से श्वास रोग (दमा) दूर हो जाता है।
"
9 अंजनहारी, गुहेरी: - छुहारे के बीज को पानी के साथ पीसकर गुहेरी पर दिन में 2 से 3 बार लेप करने से अंजनहारी में बहुत लाभ होता है।
10 गैस:- एक छुहारा बिना गुठली का और 30 ग्राम जयपाल खोपरा, 2 ग्राम सेंधानमक को पीसकर और छानकर 3 खुराक बना लें। 3 दिन तक इस खुराक को
1-1 करके गर्म पानी के साथ सुबह लेने से गैस के रोग समाप्त हो जाते हैं।
11 मसूढ़ों से खून आना:- 2 से 4 छुहारों को गाय के दूध में उबाल लें। उबल जाने पर छुहारे निकालकर खायें तथा बचे हुए दूध में मिश्री मिलाकर पीयें। रोजाना सुबह-शाम इसका सेवन करने से मसूढ़ों से खून व पीव का निकलना बंद हो जाता है।
12 दस्त:- छुहारे के पेड़ से प्राप्त गोंद को 3 ग्राम से लेकर 6 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम चाटने से अतिसार (दस्त) में आराम मिलता है।
13 हकलाना, तुतलाना:- रोजाना रात को सोते समय छुहारों को दूध में उबालकर पीयें। इसको पीने के 2 घण्टे बाद तक पानी न पीयें। इसके रोजाना प्रयोग से तीखी, भोंड़ी, आवाज साफ हो जाती है।
"14 कमरदर्द:- *छुहारे से गुठली निकालकर उसमें गुग्गुल भर दें। इसके बाद छुहारे को तवे पर सेंककर दूध के साथ सेवन करें। सुबह-शाम 1-1 छुहारा खाने से कमर दर्द मिट जाता है।
*सुबह-शाम 2 छुहारों को खाने से कमर दर्द में लाभ होता है।
*बिना बीज वाले छुहारे को पीसकर इसके साथ पिस्ता, बादाम, चिरौंजी और मिश्री मिलाकर, इसमें शुद्ध घी मिलाकर रख दें। 1 सप्ताह बाद इसे 20-20 ग्राम तक की मात्रा में सेवन करने से कमजोरी दूर हो जाती है।
*2-3 छुहारों को स्टील या चीनी मिट्टी के बर्तन में रात-भर पानी में भिगोए रखने के बाद सुबह गुठली अलग कर दें और छुहारे को दूध में पकाकर सेवन करें। इससे कमजोरी मिट जाती है।
*250 ग्राम गुठलीरहित छुहारे, 250 ग्राम भुने चने, 250 ग्राम गेहूं का आटा, 60-60 ग्राम चिलगोजा, बादाम की गिरी, 500 ग्राम गाय का घी, 500 ग्राम शक्कर और 2 लीटर गाय का दूध। दूध में छुहारों को कोमल होने तक उबालें, फिर निकालकर बारीक पीस लें और फिर उसी दूध में हल्की आग पर खोवा बनने तक तक पकाएं। अब घी को आग पर गर्म करके गेहूं का आटा डालकर गुलाबी होने तक धीमी आग में सेंक लें, इसके बाद उसमें चने का चूर्ण और खोवा डालकर फिर धीमी आग पर गुलाबी होने तक भूने। जब सुगंध आने लगे तो इसमें शक्कर डालकर खूब अच्छी तरह मिलाएं। हलवा तैयार हो गया। इसमें और सारी चीजों को डालकर रखें। इसे 50-60 मिलीलीटर की मात्रा में गाय के गर्म दूध के साथ रोजाना 1 बार सेवन करने से कमजोरी मिट जाती है।"
15 पक्षाघात-लकवा-फालिस फेसियल परालिसिस: - दूध में भिगोकर छुहारा खाने से लकवे के रोग में लाभ प्राप्त होता है। एक बार में 4 से अधिक छुहारे नहीं खाने चाहिए।
16 अग्निमान्द्यता (अपच):- छुहारे की गुठली और ऊंटकटोरे की जड़ की छाल का चूर्ण खाने से अग्निमान्द्यता (भूख का न लगना) में आराम मिलता है।
17 मधुमेह के रोग: - गुठली निकालकर छुहारे के टुकड़े दिन में 8-10 बार चूसें। कम से कम 6 महीने तक इसका सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
18 सोते समय पेशाब निकलना:- एक छुहारे के 4 हिस्से करके उसको दो बार सुबह और शाम रोगी को देने से सोते समय पेशाब का निकलना बंद हो जाता है।
19 रक्तपित्त:- 2-4 छुहारों को दूध में डालकर ऊपर से मिश्री मिलाकर दूध को उबाल दें गुठली हटाकर खाने से और दूध को पी लेने से रक्तपित्त में लाभ होता है।
20 वीर्य की कमी में: - छुहारा बराबर रूप से दूध में उबालकर खाने से वीर्य बढ़ता है।
21 बुद्धिवैकल्प, बुद्धि का विकास कम होना: - 2 छुहारों और मिश्री को दूध में डालकर उबालें और गर्म हो जाने पर उसकी गुठली को निकालकर छुहारे को हल्के गर्म दूध के साथ लेने से बुद्धि का विकास होता है।
22 उपदंश:- छुहारे को जलाकर राख बनाकर मक्खन के साथ मिलाकर घाव पर लगाने से बहुत लाभ मिलता है।
23 पेशाब का बार-बार आना:- 2 छुहारे 300 मिलीलीटर दूध में उबालकर, छुहारे खाकर दूध पीने से बार-बार पेशाब आने की तकलीफ दूर हो जाती है।
24 दिल की कमजोरी: - दूध में 2 छुहारे उबालकर, छुहारे खाकर दूध पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ने से दिल की कमजोरी दूर हो जाती है।
25 सिर चकराना: - 2 या 3 छुहारे रोजाना दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से वीर्य की कमी से होने वाला सिर का चकराना ठीक हो जाता है।
26 त्वचा के रोग:- छुहारा खाने से खून साफ हो जाता है और त्वचा के रोग दूर हो जाते हैं।
27 निम्नरक्तचाप:- 2 छुहारे रात को 300 मिलीलीटर दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) सामान्य हो जाता है।
28 सिर का दर्द:- सिर दर्द होने पर छुहारे की गुठली को पानी में घिसकर माथे पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
29 बच्चों के विभिन्न रोगों में लाभकारी: - *अगर बालक को दस्त कराना हो तो रात को छुहारों को पानी में भिगो दें। सबेरे छुहारों को पानी में मसलकर निचोड़ लें और छुहारे को फेंक दें। उसके बाद वही पानी बच्चे को पिलायें। इससे दस्त साफ होगा। अथवा थोड़े से गुलाब के फूल और चीनी खिलाकर ऊपर से पानी पिला दें। इससे भी दस्त साफ होगा।
*अगर बच्चा कमजोर हो तो उसे उम्र के अनुसार 6 ग्राम से 30 ग्राम तक छुहारे लेकर पानी में धोकर साफ कर लें और गुठली निकालकर दूध में भिगो दें। थोड़ी देर बाद छुहारों को निकालकर सिल पर पीस लें और कपड़े में रस निचोड़ लें। इस तरह दिन में तीन बार हर बार ताजा रस निकालकर बच्चे को पिलायें। बच्चे के शरीर में खूब ताकत आ जायेगी। 1 महीने से कम उम्र के बच्चे को यह रस नहीं पिलाना चाहिए।"
30 शरीर को ताकतवर व शक्तिशाली बनाना: - *लगभग 10 ग्राम छुहारे लेकर पीस लें। रोजाना कम से कम 2 ग्राम की मात्रा में इस छुहारे के चूर्ण को 250 मिलीलीटर हल्के गर्म दूध के साथ सोते समय लेने से शरीर मजबूत होता है। इसका सेवन केवल सर्दियों के दिनों में ही करना चाहिए।
*छुहारा शरीर को मजबूत व शक्तिशाली बनाता है। दूध को गर्म करते समय यदि उसमें छुहारा या खजूर डाल दिया जाए और फिर उस दूध को पियें तो वह शरीर को बहुत ही शक्तिशाली बनाता है।
*छुहारों को दूध में उबालकर खाने से खून बनता है और शरीर में ताकत बढ़ती है।
*4 या 5 छुहारों की गुठलियों को निकालकर इसमें लगभग 260 मिलीग्राम गुग्गुल भर दें और इन छुहारों को दूध में पकायें। सुबह और शाम को रोजाना 1 छुहारा दूध के साथ खाने से वातरोग दूर हो जाते हैं और शरीर शक्तिशाली बनता है।
*लगभग 500 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर उसमें 2 छुहारे डाल दें। अब दूध के आधा रह जाने तक गर्म करें, फिर इस दूध में 2 चम्मच मिश्री या चीनी लेकर मिलाकर पीयें और छुहारे को खा जायें। इसको खाने से शरीर में मांस बढ़ता है, शरीर की ताकत बढ़ती है और मनुष्य का वीर्य बल भी बढ़ता है। छुहारा खून बढ़ाता है। इसका प्रयोग केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए। इसका सेवन करने के 2 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए। एक बार में चार से ज्यादा छुहारों का सेवन नहीं करना चाहिए।
*किसी मिट्टी या कांच के बर्तन में पानी लेकर इसमें 2 छुहारे शाम को भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इन छुहारों की गुठली को निकालकर इन्हें लगभग 500 मिलीलीटर दूध में गर्म करें और 250 मिलीलीटर दूध रह जाने तक गर्म करें। अब बचे हुए दूध को पीने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है और शरीर को भरपूर मात्रा में ताकत मिलती है।"
31 गले के रोग:- *छुहारा खाने से कंठ (गला) सूखना दूर हो जाता है।
*भोजन करने के बाद रात को सोते समय दूध में उबाले हुए छुहारों को खाने से आवाज साफ हो जाती है। इसको खाने के बाद डेढ़ से 2 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए।
*गला सूखने पर छुहारे की गुठली मुंह में रखकर चूसना चाहिए। "
Krishankumar Dawer

Take care of your families and health

I urge all of you, whatever the pressure or deadline, take care of your families and health: Mukesh Ambani 

तम्बाकू सेवन

विश्वभर में तम्बाकू सेवन मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बन रहा है, Indian council of Medical Research के आकड़ों के अनुसार भारत में हर साल तम्बाकू की वजह से दस लाख से अधिक लोगों की मौत होती है

#‎stopsmoking‬
http://www.dnaindia.com/…/report-long-term-smoking-may-hamp…

Saturday, December 26, 2015

चेहरे की रंगत बढाए टमाटर का जूस

चेहरे की रंगत बढाए टमाटर का जूस..आजमाईये जरूर
रोज सवेरे एक गिलास ताजे टमाटर का जूस तैयार करें, दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें और सिर्फ़ एक महिने के अंदर चेहरे की रंगत देखिए, आईना शरमा जाएगा l जानकार इसे वजन कम करने का एक अच्छा उपाय मानते है जबकि गुजरात के आदिवासी इसे यकृत और फ़ेफ़डों के लिए बेहतर टोनिक मानते है..आजमाईये जरूर, देसी ज्ञान है, असर सर चढकर बोलेगे..स्वस्थ रहें, मस्त रहें..

🌿बाजरा खाइए🌿


🌿हड्डियों के रोग नहीं होंगे🌿
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बाजरे की रोटी का स्वाद
जितना अच्छा है,
उससे अधिक उसमें गुण भी हैं..

🌿- बाजरे की रोटी खाने
वाले को हड्डियों में कैल्शियम
की कमी से पैदा होने वाला
रोग आस्टियोपोरोसिस
और खून की कमी यानी
एनीमिया नहीं होता...
🌿- बाजरा लीवर से
संबंधित रोगों को भी कम
रता है...
🌿- गेहूं और चावल के
मुकाबले बाजरे में ऊर्जा कई
गुना है...
🌿- बाजरे में भरपूर
कैल्शियम होता है,
जो हड्डियों के लिए रामबाण
औषधि है..
उधर आयरन भी बाजरे में
इतना अधिक होता है कि खून
की कमी से होने वाले रोग
नहीं हो सकते..
🌿- खासतौर पर गर्भवती
महिलाओं ने कैल्शियम की
गोलियां खाने के स्थान पर
रोज बाजरे की दो रोटी खाना
चाहिए...
🌿- वरिष्ठ चिकित्साधिकारी
मेजर डा. बी.पी. सिंह के,
सेना में सिक्किम में तैनाती के
दौरान जब गर्भवती महिलाओं
को कैल्शियम और आयरन
की जगह बाजरे की रोटी और
खिचड़ी दी जाती थी...
इससे उनके बच्चों को जन्म
से लेकर पांच साल की उम्र
तक कैल्शियम और आयरन
की कमी से होने वाले रोग
नहीं होते थे...
🌿-इतना ही नहीं बाजरे का
सेवन करने वाली महिलाओं में
प्रसव में असामान्य पीड़ा के
मामले भी न के बराबर पाए
गए...
🌿- डाक्टर तो बाजरे के
गुणों से इतने प्रभावित है..
कि इसे अनाजों में वज्र की
उपाधि देने में जुट गए हैं..
🌿- बाजरे का किसी भी रूप
में सेवन लाभकारी है..
🌿- लीवर की सुरक्षा के
लिए भी बाजरा खाना
लाभकारी है..
🌿- उच्च रक्तचाप, हृदय की कमजोरी, अस्थमा से ग्रस्त लोगों तथा दूध पिलाने वाली माताओं में दूध की कमी के लिये यह टॉनिक का कार्य करता है..
🌿- यदि बाजरे का नियमित रूप से सेवन किया जाय तो यह कुपोषण, क्षरण सम्बन्धी रोग और असमय वृद्ध होने की प्रक्रियाओं को दूर करता हैं...
🌿- रोगी की खपत से शरीर प्राकृतिक रूप से शान्त होता है...
यह एंग्जायटी, डिप्रेशन और नींद न आने की बीमारियों में फायदेमन्द होता है..
यह माइग्रेन के लिये भी
लाभदायक है..
🌿- इसमें लेसिथिन और मिथियोनिन नामक अमीनो अम्ल होते हैं
जो अतिरिक्त वसा को हटा कर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करते हैं..
🌿- बाजरे में उपस्थित रसायन पाचन की प्रक्रिया को धीमा करते हैं..
डायबिटीज़ में यह रक्त में शक्कर की मात्रा को नियन्त्रित करने में सहायक होता है...

By Anita Bedi

Rajyoga Meditation


To change any habit we take care of 4 aspects. Gyan – Knowledge, Yog – Meditation, Dharna -Inculcation of qualities and Seva - Sharing.
Meditation means to check your emotional blockages, see the thoughts behind it and then replace those thoughts with the truth. For eg. No one loves me is the blockage. Replace it with, I am a Loveful soul, I will give love and acceptance to everyone.
Rajyoga Meditation means connecting to the Supreme Power, God and taking His powers and love to heal our blockages.

BK Shivani