Health

ठंड में जरूर खाएं

  ये 8 चीजें, इनसे मिलती है शरीर को गर्मी

ठंड के मौसम में सर्दी के असर से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन शरीर को चाहे कितने ही गर्म कपड़ों से ढक लिया जाए ठंड से लड़ने के लिए बॉडी में अंदरूनी गर्मी होनी चाहिए। शरीर में यदि अंदर से खुद को मौसम के हिसाब से ढालने की क्षमता हो तो ठंड कम लगेगी और कई बीमारियां भी नहीं होंगी। यही कारण है कि ठंड में खानपान पर विशेष रूप से ध्यान देने को आयुर्वेद में बहुत महत्व दिया गया है। सर्दियों में यदि खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए तो शरीर संतुलित रहता है और सर्दी कम लगती है।
आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में जानिए कुछ ऐसे ही खाने की चीजों के बारे में
 1. बाजरा
कुछ अनाज शरीर को सबसे ज्यादा गर्मी देते है। बाजरा एक ऐसा ही अनाज है। सर्दी के दिनों में बाजरे की रोटी बनाकर खाएं। छोटे बच्चों को बाजरा की रोटी जरूर खाना चाहिए। इसमें कई स्वास्थ्यवर्धक गुण भी होते है। दूसरे अनाजों की अपेक्षा बाजरा में सबसे ज्यादा प्रोटीन की मात्रा होती है। इसमें वह सभी गुण होते हैं, जिससे स्वास्थ्य ठीक रहता है। ग्रामीण इलाकों में बाजरा से बनी रोटी व टिक्की को सबसे ज्यादा जाड़ो में पसंद किया जाता है। बाजरा में शरीर के लिए आवश्यक तत्व जैसे मैग्नीशियम,कैल्शियम,मैग्नीज, ट्रिप्टोफेन, फाइबर, विटामिन- बी, एंटीऑक्सीडेंट आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
 2. बादाम
बादाम कई गुणों से भरपूर होते हैं। इसका नियमित सेवन अनेक बीमारियों से बचाव में मददगार है।अक्सर माना जाता है कि बादाम खाने से याददाश्त बढ़ती है, लेकिन यह ड्राय फ्रूट अन्य कई रोगों से हमारी रक्षा भी करता है। इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है, जो सर्दियों में सबसे बड़ी दिक्कत होती है। बादाम में डायबिटीज को निंयत्रित करने का गुण होता है। इसमें विटामिन - ई भरपूर मात्रा में होता है।
 3. अदरक
क्या आप जानते हैं कि रोजाना के खाने में अदरक शामिल कर बहुत सी छोटी-बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। सर्दियों में इसका किसी भी तरह से सेवन करने पर बहुत लाभ मिलता हैै। इससे शरीर को गर्मी मिलती है और डाइजेशन भी सही रहता है।
4. शहद
शरीर को स्वस्थ, निरोग और उर्जावान बनाए रखने के लिए शहद को आयुर्वेद में अमृत भी कहा गया है। यूं तो सभी मौसमों में शहद का सेवन लाभकारी है, लेकिन सर्दियों में तो शहद का उपयोग विशेष लाभकारी होता है। इन दिनों में अपने भोजन में शहद को जरूर शामिल करें। इससे पाचन क्रिया में सुधार होगा और इम्यून सिस्टम पर भी असर पड़ेगा।
 5. रसीले फल न खाएं
सर्दियों के दिनों में रसीले फलों का सेवन न करें। संतरा, रसभरी या मौसमी आपके शरीर को ठंडक देते है। जिससे आपको सर्दी या जुकाम जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
6. मूंगफली
100 ग्राम मूंगफली के भीतर ये तत्व मौजूद होते हैं: प्रोटीन- 25.3 ग्राम, नमी- 3 ग्राम, फैट्स- 40.1 ग्राम, मिनरल्स- 2.4 ग्राम, फाइबर- 3.1 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट- 26.1 ग्राम, ऊर्जा- 567 कैलोरी, कैल्शियम - 90 मिलीग्राम, फॉस्फोरस 350 मिलीग्राम, आयरन-2.5 मिलीग्राम, कैरोटीन- 37 मिलीग्राम, थाइमिन- 0.90 मिलीग्राम, फोलिक एसिड- 20मिलीग्राम। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, मिनिरल्स आदि तत्व इसे बेहद फायदेमंद बनाते हैं। यकीनन इसके गुणों को जानने के बाद आप कम से कम इस सर्दियों में मूंगफली से टाइमपास करने का टाइम तो निकाल ही लेंगे।
 7. सब्जियां
अपनी खुराक में हरी सब्जियों का सेवन करें। सब्जियां, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और गर्मी प्रदान करती है। सर्दियों के दिनों में मेथी, गाजर, चुकंदर, पालक, लहसुन बथुआ आदि का सेवन करें। इनसे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
 8. तिल
सर्दियों के मौसम में तिल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। तिल के तेल की मालिश करने से ठंड से बचाव होता है। तिल और मिश्री का काढ़ा बनाकर खांसी में पीने से जमा हुआ कफ निकल जाता है। तिल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे, प्रोटीन, कैल्शियम, बी कॉम्प्लेक्स और कार्बोहाइट्रेड आदि। प्राचीन समय से खूबसूरती बनाए रखने के लिए तिल का उपयोग किया जाता रहा है।

आयुर्वेद द्वारा दिल की कमजोरी ऐसे दूर करें_

(1) आप रोज एक चम्‍मच शुद्ध शहद का सेवन करें, इससे दिल मजबूत होता है।
(2) आप आंवला और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर चूर्णं बनाएं। फिर इस चूर्णं को 5 ग्राम की मात्रा में लेकर रोज खाएं। ऐसा करने से दिल के बहुत से रोग दूर हो जाते हैं।
(3) अगर का चूर्णं शहद के साथ मिलाकर खाने से दिल की कमजोरी दूर होती है।
(4) गिलोय और काली मिर्च को बराबर मात्रा में लेकर चूर्णं बनाएं और फिर 3-4 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 बार खाएं। इससे दिल की कमजोरी दूर होती है।
(5) अर्जुन की छाल का चूर्णं 10 ग्राम, गुड़ 10 ग्राम तथा 500 मिली. दूध को एक साथ मिलाकर पकाएं। फिर इसमें गुड़ मिलाकर पीने से दिल की कमजोरी दूर होती है।
(6) गुड़ व देशी घी मिलाकर खाने से भी दिल को ताकत मिलती है।
दिल का दर्द :
(1) अनार के 10 मिली. रस में 10 ग्राम मिश्री डालकर, रोज सुबह पीने से दिल की जकड़न और दर्द दूर हो जाता है।
(2) यदि छाती के बाईं ओर दर्द उठता है और सांस लेने में दिक्‍कत महसूस होती है। साथ ही पसीना भी आता है, तो आप दूध में लहसुन पकाकर पीएं। कुछ दिन लहसुन पका दूध पीने से यह शिकायत दूर हो सकती है।
(3) आप लौकी को उबालकर, उसमें नमक, धनिया, हल्‍दी, जीरा और हरा धनिया डालकर पकाएं। यदि आप इसका सेवन करेंगें तो बहुत लाभ होगा।
(4) दिल में दर्द होने पर या दिल का दौरा पड़ने पर 2 टेबलस्‍पून शुद्ध देशी घी में 2 ग्राम बेल का रस मिलाएं और पिएं। इससे फौरन आराम मिलेगा।
(5) 10 मिली. अदरक के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर चाटने से भी दिल के दर्द में आराम मिलता है।
यदि हाई ब्‍लड प्रेशर हो तो :
(1) आप 2 टेबलस्‍पून शहद में एक टेबलस्‍पून नींबू का रस मिलाकर सुबह शाम पिएं, ऐसा करने से ब्‍लड प्रेशर कम हो जाता है।
(2) 5 ग्राम त्रिफला का चूर्णं रात को सोने से पहले गर्म पानी के साथ रोजाना खाएं। आराम मिलेगा।
(3) आंवले का रस नियमित रूप से पीने से हाई ब्‍लड प्रेशर का खतरा न के बराबर रहता है।
(4) सौंफ, मिश्री और जीरा को बराबर मात्रा में लेकर चूर्णं बनाएं। फिर इस चूर्णं को सुबह शाम खाने से ब्‍लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है।
(5) हाई ब्‍लड प्रेशर के रोगी 2-3 दिन सिर्फ नारंगी का रस पीएं और दूसरा कोई भी अन्‍न या जूस अथवा पेय पदार्थ न पीएं, तो ब्‍लड प्रेशर नियंत्रण में आ जाता है।
(6) आप सुबह शाम खाली पेट थोड़ा सा पपीता खाने से भी ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल में रख सकते हैं।
ब्‍लड प्रेशर लो हो जाने पर :
(1) आप दस पन्‍द्रह तुलसी के पत्‍ते को अच्‍छी तरह मसल कर 4 चम्‍मच शहद मिलाकर खाएं। इससे ब्‍लड प्रेशर नियत्रंण में रहेगा।
(2) आप तीस से पैंतीस किशमिश को सिरेमिक बर्तन में रात भर भिगोकर रख दें और सुबह उठ कर खाली पेट खाएं। इससे लो ब्‍लड प्रेशर की शिकायत दूर हो जाएगी।
(3) आप 6-7 बादाम रात भर पानी में भिगोकर रख दें। फिर सुबह उन्‍हें छीलकर पीस लें। फिर एक गिलास दूध में मिलाकर उबालें और गुनगुना करके पीएं। आपको बहुत आराम मिलेगा।
धड़कन तेज हो जाने पर इन्‍हें अजमाएं :
(1) आप धड़कन तेज होने पर आलूबुखारा खाएं या मीठा अनार खाएं, ऐसा करने से धड़कन नियंत्रण में आ जाएगी।
(2) आप 10 मिली. अनार के ताजे पत्‍तों को 100 मिली. पानी में पीस लें। फिर इसे छानकर पीने से दिल मजबूत होता है और दिल की धड़कन नार्मल हो जाती है।
(3) आप 200 मिली. ताजे गाजर के रस में 100 मिली. पालक का रस मिलाकर रोज सुबह पीने से दिल की सारी तकलीफ दूर हो जाती हैं।
(4) दिल के मरीज रोज एक ग्‍लास मक्‍खन रहित छाछ पिएं तो ब्‍लडबेसल्‍स पर जमा हुआ फैट कम हो जाता है। इससे तेज धड़कन और घबराहट की समस्‍या का निदान हो जाता है।



सर्दियों में बादाम से ज्यादा असरदार है चना


● सर्दियों में रोजाना 50 ग्राम चना खाना शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है। आयुर्वेद मे माना गया है कि चना और चने की दाल दोनों के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है। चना खाने से अनेक रोगों की चिकित्सा हो जाती है।
● इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, चिकनाई, रेशे, कैल्शियम, आयरन व विटामिन्स पाए जाते हैं। ये सस्ता होता है लेकिन इसी सस्ती चीज में बड़ी से बड़ी बीमारियों की लड़ने की क्षमता है।
1) चने के सेवन से सुंदरता बढ़ती है साथ ही दिमाग भी तेज हो जाता है।
2) मोटापा घटाने के लिए रोजाना नाश्ते में चना लें।
3) अंकुरित चना 3 साल तक खाते रहने से कुष्ट रोग में लाभ होता है। गर्भवती को उल्टी हो तो भुने हुए चने का सत्तू पिलाएं।
4) चना पाचन शक्ति को संतुलित और दिमागी शक्ति को भी बढ़ाता है। चने से खून साफ होता है जिससे त्वचा निखरती है।
5) सर्दियों में चने के आटे का हलवा कुछ दिनों तक नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। यह हलवा वात से होने वाले रोगों में व अस्थमा में फायदेमंद होता है।
6) रात को चने की दाल भिगों दें सुबह पीसकर चीनी व पानी मिलाकर पीएं। इससे मानसिक तनाव व उन्माद की स्थिति में राहत मिलती है। 50 ग्राम चने उबालकर मसल लें। यह जल गर्म-गर्म लगभग एक महीने तक सेवन करने से जलोदर रोग दूर हो जाता है।
7) चने के आटे की की नमक रहित रोटी 40 से 60 दिनों तक खाने से त्वचा संबंधित बीमारियां जैसे-दाद, खाज, खुजली आदि नहीं होती हैं। भुने हुए चने रात में सोते समय चबाकर गर्म दूध पीने से सांस नली के अनेक रोग व कफ दूर हो जाता हैं।
8) 25 ग्राम काले चने रात में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करने से डायबिटीज दूर हो जाती है। यदि समान मात्रा में जौ चने की रोटी भी दोनों समय खाई जाए तो जल्दी फायदा होगा।
9) चने को पानी में भिगो दें उसके बाद चना निकालकर पानी को पी जाएं। शहद मिलाकर पीने से किन्हीं भी कारणों से उत्पन्न नपुंसकता समाप्त हो जाती है।
10) हिचकी की समस्या ज्यादा परेशान कर रही हो तो चने के पौधे के सूखे पत्तों का धुम्रपान करने से शीत के कारण आने वाली हिचकी तथा आमाशय की बीमारियों में लाभ होता है।
11) पीलिया में चने की दाल लगभग 100 ग्राम को दो गिलास जल में भिगोकर उसके बाद दाल पानी में से निकलाकर 100 ग्राम गुड़ मिलाकर 4-5 दिन तक खाएं राहत मिलेगी।
12) देसी काले चने 25-30 ग्राम लेकर उनमें 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण मिला लें चने को कुछ घंटों के लिए भिगो दें। उसके बाद चने को किसी कपड़े में बांध कर अंकुरित कर लें। सुबह नाश्ते के रूप में इन्हे खूब चबा चबाकर खाएं।
13) बुखार में ज्यादा पसीना आए तो भूने को पीसकर अजवायन और वच का चूर्ण मिलाकर मालिश करनी चाहिए।
14) चीनी के बर्तन में रात को चने भिगोकर रख दे। सुबह उठकर खूब चबा-चबाकर खाएं इसके लगातार सेवन करने से वीर्य में बढ़ोतरी होती है व पुरुषों की कमजोरी से जुड़ी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। भीगे हुए चने खाकर दूध पीते रहने से वीर्य का पतलापन दूर हो जाता है।
15) दस ग्राम चने की भीगी दाल और 10 ग्राम शक्कर दोनों मिलाकर 40 दिनों तक खाने से धातु पुष्ट हो जाती है।
16) गर्म चने रूमाल या किसी साफ कपड़े में बांधकर सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है। बार-बार पेशाब जाने की बीमारी में भुने हूए चनों का सेवन करना चाहिए। गुड़ व चना खाने से भी मूत्र से संबंधित समस्या में राहत मिलती है। रोजाना भुने चनों के सेवन से बवासीर ठीक हो जाता है।



गुड़ स्वास्थ के लिए अमृत


चीनी को सफेद ज़हर कहा जाता है। जबकि गुड़ स्वास्थ के लिए अमृत है। क्योंकि गुड़ खाने के बाद वह शरीर में क्षार पैदा करता है जो हमारे पाचन को अच्छा बनाता है । जबकि चीनी अम्ल (Acid) पैदा करती है जो शरीर के लिए हानिकारक है। गुड़ को पचाने में शरीर को यदि 100 केलोरी उर्जा लगती है तो चीनी को पचाने में 500 केलोरी खर्च होती है। गुड़ में कैल्शियम के साथ-साथ फोस्फोरस भी होता है। जो शरीर के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और हड्डियों को बनाने में सहायक होता है। जबकि चीनी को बनाने की पक्रिया में इतना अधिक तापमान होता है कि फोस्फोरस जल जाता है इसलिए अच्छी सेहत के लिए गुड़ का उपयोग करें।
चीनी, कैँडी और च्युइँगगम का प्रयोग बंद करो और यदि मीठा खाना ही है तो गुड़ खाओ!
चीनी बनाने की प्रक्रिया में गन्ने के रस में मौजूद फ़ासफ़ारस खत्म हो जाता है ये कफ़ को संतुलित करने के लिये जरूरी है, चीनी जब हमारे शरीर में जाकर जब पचती है तो इससे अंत में अमल(एसिड) बनता है और जब गुड पचता है तो श्रार बनता है जो अमल को खत्म करता है पर चीनी खाने से अमल(एसिड) खत्म होने की जगह बढ जाता है और रक्त में मिलने लगता है और इससे अनेकों वात रोग पैदा होते है|
चीनी को पचाने के लिये बहुत समय लगता है पर गुड आसानी से पच जाता है और बाकी खाई हुई चीजों को भी बचा देता है|
सर्दियों के दिनों में गुड खाना सेहत के लिए अच्छा होता है यह स्वाद के साथ सेहत भी अच्छी रखता है । गुड का सेवन करने से पाचन तंत्र सही रहता है । यह प्राकर्तिक तरीके से ताजे गन्ने के रस से तैयार किया जाता है , गन्ने की फसल शर्दियों में होती है, और उसी टाइम पर इसका गुड बनाया जाता जो वर्ष भर जी भरके खाया और खिलाया जाता है |
--पाचन तंत्र को ठीक करता है - गुड या प्राकर्तिक शक्कर खाने से खून साफ होता है रोज़ खाना खाने के बाद गुड खाने से पेट में ठंडक मिलती है और गैस नहीं बनती है । दूध के साथ गुड खाने से पाचन तंत्र हेल्थी रहता है ।
--मासिक धर्म में दर्द - जिन महिलाओ को मासिक धरम के दौरान दर्द रहता हो उन्हें गुड खाना चाहिए इससे पेट को आराम मिलता है और दर्द में राहत मिलती है ।
--लौह तत्व से भरपूर - गुड या प्राकर्तिक शक्कर में खून के लिए जरूरी लौह तत्व भरपूर मात्रा में होता है । अतः इसे अनीमिया के मरीजों को खाना चाहिए ।
--स्किन के लिए गुणकारी - गुड खाने से खून के बुरे तत्व साफ हो जाते है जिससे त्वचा में निखर आता है और कील मुहांसो की समस्या भी दूर रहती है ।
--सर्दी में उपयोग - सर्दी खांसी में या प्राकर्तिक शक्कर से राहत मिलती है और चाय में या लड्डू में भी इसका उपयोग किया जा सकता है ।
--ऊर्जा का स्त्रोत - गुड खाने से हमें ऊर्जा मिलती है जब भी थकन या कमजोरी लगे तो गुड खाने से तुरंत आराम मिलता है ।
--दमा के मरीज़ो को गुड या शक्कर का सेवन फायदेमंद रहता है क्यूंकि इसमें एलर्जी से लड़ने वाले तत्व होते है ।
--हर रोज़ गुड के साथ अदरक का सेवन करने से जोड़ो के दर्द में आराम मिलता है ।
--आवाज़ बैठ जाने पर पके चावल के साथ गुड खाने से आवाज़ ठीक हो जाती है ।
--अस्थमा होने पर गुड और काले तिल के लड्डू खाने से आराम मिलता है
--कान में दर्द होने पर गुड में घी मिलकर खाने से आराम मिलता है ।
--गुड और सरसो का तेल मिलाकर खाने से साँस के रोग दूर होते है ।
--आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गुड और बाजरे की खिचड़ी मिलकर खाने से लाभ मिलता है ।
--खट्टी डकारे आने पर गुड और सेंधा नमक मिलकर चाटने से आराम मिलता है ।
_ कोयले के खदानों में काम करने वालो को शाम को खाने के लिए गुड दिया जाता है,क्योकि दिनभर में काम करने से डस्ट अंदर चली जाती है, गुड खाने से वो डस्ट निकल जाती है|
-गुड़ में फाइबर और अन्य पौष्टिक तत्व बहुत अधिक होते हैं जो शरीर के बहुत ही लाभदायक है!
-गुड़ में लौह तत्व और अन्य खनिज तत्व भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं!
- गुड़ भोजन के पाचन में अति सहायक है। खाने के बाद कम से कम बीस ग्राम गुड़ अवश्य खाएँ। आपको कभी बीमारी नहीं होगी!
-च्युइँगगम और कैँडी खाने से दाँत खराब होते हैं!
-गुड़ के निर्माण की प्रक्रिया आसान है और सस्ती है जिससे देश को हजारों करोड़ रुपए का लाभ होगा और किसान सशक्त बनेगा!
- गुड को दूध में मिलाके पीना वर्जित है इसलिये पहले गुड खाकर फ़िर दूध पिये
- गुड को दही में मिलाके खाया जा सकता है बिहार में खासकर इसे खाया जाता है जो काफ़ी स्वादिष्ट लगता है
- गुड की गज्ज्क, रेवडी आदि भी अच्छी होती है
अंग्रेजों को भारत से चीनी की आपूर्ति होती थी | और भारत के लोग चीनी के बजाय गुड (Jaggary) बनाना पसंद करते थे और गन्ना चीनी मीलों को नहीं देते थे | तो अंग्रेजों ने गन्ना उत्पादक इलाकों में गुड बनाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया और गुड बनाना गैरकानूनी घोषित कर दिया था और वो कानून आज भी इस देश में चल रहा है


 बादाम रोगन/तेल के फायदे


बोर्नविटा , कॉम्प्लान आदि पर हज़ारों रुपये खर्च करने की बजाये बादाम रोगन/तेल ख़रीदे।
बादाम तेल में विटामिन एए बी और ई होता है, जो कि त्वचा का रंग निखारने त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने और उसे निखारने में मदद करता है। बादाम तेल बालों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। बादाम का तेल चेहरे के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह त्वचा को मुलायम और कोमल बनाता है। बादाम तेल मुंहासों के दाग को मिटाता है |
बादाम के तेल से सिर पर मालिश करने से बालों की समस्या दूर होती है। यह बालों का झड़ना दूर करता है और रूसी भगाता है।
बादाम के तेल से चेहरे पर मसाज करने से त्वचा में चमक आ जाती है। बादाम के तेल का प्रयोग आंखों के आसपास हुए काले-घेरों के लिए भी लाभकारी है। बादाम के तेल से आंखों के आसपास मसाज करनी चाहिए। बादाम के तेल का प्रयोग रोजाना करने से त्वचा का रंग भी निखर जाता है।
बादाम के तेल का प्रयोग करने से पेट के कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।
बादाम के तेल का प्रयोग करने से चेहरे में झुर्रियां जल्दी नहीं पड़ती।
अगर नाखून ठीक से नहीं बढ़ रहे तो बादाम के तेल से मसाज करनी चाहिए।
अगर शरीर पर कोई घाव हो जाए, तो बादाम के तेल का प्रयोग घाव पर करना चाहिए।बादाम के तेल का प्रयोग फटे होठों के लिए भी लाभकारी होता है।
बादाम के तेल से सिर पर मालिश करने से बाल लंबे, घने हो जाते है।
यह त्वचा को बूढ़ा होने से बचाता है।
त्वचा की खुजली और सूजन को कम जलन को कम करता है। रूखी और खुजली वाली त्वचा को मिटाता है।
यह फटे होठों और बॉडी रैश को ठीक करता है। बादाम का तेल बच्चों की हड्डियों का विकास करता है। इससे शरीर के कई रोग भी दूर होते हैं।
- बाल न झड़े, इसके लिए भी सिर पर बादाम रोगन की मालिश करते हैं।
- रात में गाय के गर्म दूध में से चम्मच बादाम रोगन डाल कर पिने से दिमाग तेज़ होता है।
- बादाम रोगन गरम दूध में डाल कर पीने से कब्ज दूर होती है।
- नाक में दो - दो बूंद बादाम रोगन रात में सोते वक्त डालने से आँखों की ज्योति तेज़ होती है।ये नस्य दिमाग भी तेज़ करता है।
- बादाम रोगन के नस्य से सिर दर्द दूर होता है।
- यदि सुनने की शक्ति कम होने का भय हो तो बादाम रोगन की एक-एक बूंद प्रतिदिन डालें।
- आंवले के रस के साथ बादाम तेल की मालिश बालों का झड़ना, असमय सफेद होना, पतला होना और डैंड्रफ रोक सकती है।दो-तीन बूंद बादाम रोगन व एक चम्मच शहद की मालिश रोमकूप खोल चेहरे पर चमक लाती है।
- इसका सेवन तनाव कम करता है।
- ये हार्ट के लिए लाभदायक है।
- सर्दियों में शरीर का तापमान बनाए रखता है।
- छोटे बच्चों के लिए लाभदायक है।
- वजन घटाने में मदद करता है।
- गर्दन में दर्द होने पर इससे मालिश करने पर ठीक हो जाता है।
- इसकी सिर में मालिश करने से नींद अच्छी आती है।