हमारी दिनचर्या ही स्वस्थ रहने का आधार है यही प्रमाणित होता है दैनिक भास्कर में 3 जनवरी
को प्रकाशित इस खबर से
मिटटी के बर्तन, शाकाहारी भोजन, चाय नहीं पीना, योग करना, चबा चबा कर भोजन
करना, गुड खाना जैसे नियमो का पालन कर इन्होने दीर्घायु होने का लाभ लिया
वो भी स्वस्थ शरीर के साथ
राजीव भाई ने ऋषि वागभट्ट जी द्वारा लिखित इन जैसी कई बातो पर जोर दिया है
विदेशी जीवनशैली की नक़ल न केवल हमें बल्कि हमारी आनेवाली पीढियों के लिए विनाश का संकेत है जिसके लिए वो हमें कभी क्षमा नहीं करेगी
राजीव भाई ने ऋषि वागभट्ट जी द्वारा लिखित इन जैसी कई बातो पर जोर दिया है
विदेशी जीवनशैली की नक़ल न केवल हमें बल्कि हमारी आनेवाली पीढियों के लिए विनाश का संकेत है जिसके लिए वो हमें कभी क्षमा नहीं करेगी